152 साल पुराने राजद्रोह कानून पर सुप्रीम कोर्ट ने लगाई रोक

152 साल पुराने राजद्रोह कानून पर सुप्रीम कोर्ट ने लगाई रोक

रिपोर्ट- दिल्ली ब्यूरो
दिल्ली- देश की सर्वोच्च अदालत सुप्रीम कोर्ट ने 1870 में बने करीब 152 साल पुराने राजद्रोह कानून(Sedition Law) पर हाल फिलहाल रोक लगा दी है।
सुप्रीम कोर्ट ने कहा अब कोई नई एफआईआर दर्ज नहीं की जाएगी साँथ ही कहा कि राजद्रोह कानून की समीक्षा होने तक सरकारें धारा 124A में कोई मुकदमा दर्ज न करें और ना ही इसमें कोई जांच करे।
राजद्रोह कानून के प्रावधानों को चुनौती देने वाली याचिका पर अब अगली सुनवाई जुलाई माह में नियत की है।
सुप्रीम कोर्ट के फैसले की 5 मुख्य बातें:-
1- अब देशद्रोह के तहत कोई मुकदमा दर्ज नहीं होगा।
2- जो मामले विचाराधीन या लंबित हैं उन्हें हाल फिलहाल ठंडे बस्तों में डाल दिया जाए यानी कोई सजा नहीं होगी।
3- ये आदेश तब तक लागू होगा जब तक सुप्रीम कोर्ट कोई अगला आदेश न दे।
4- केन्द्र सरकार ने कहा कि वो इस मामले में जुलाई से पहले इस कानून को लेकर कोई निर्णय नहीं ले पाएगी।
5- जो लोग पहले से राजद्रोह कानून के तहत जेल में बंद हैं वो राहत के लिये कोर्ट का रुख कर सकेंगे।

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