सेवा ही कर्म- पिछले एक वर्ष से कोविड़ मरीजों में सकारात्मक ऊर्जा भर रही हैं हिमांशी बिष्ट- लोगों को दे रही मानसिक संबल

सेवा ही कर्म- पिछले एक वर्ष से कोविड़ मरीजों में सकारात्मक ऊर्जा भर रही हैं हिमांशी बिष्ट- लोगों को दे रही मानसिक संबल

रिपोर्ट- नैनीताल
नैनीताल- “ना थके हैं पांव कभी,ना हिम्मत हारी है।
हमने देखे हैं कई दौर,आज भी सफर जारी है।।
उक्त पंक्तियां सुशीला तिवारी में कार्यरत काउंसलर(नेशनल हेल्थ मिशन) हिमांशी बिष्ट पर सटीक बैठती हैं।
हिमांशी पिछले वर्ष 4 अप्रैल से लगातार कोविड़ मरीजों की सेवा कर रही है कोविड़ केयर सेंटरों,क्वारन्टीन सेंटरों में जितने कोरोना मरीज भर्ती हैं उनकी लगातार काउंसलिंग कर रही हैं।

हल्द्वानी में बने कंट्रोल रुम में हिमांशी रोजाना सैकड़ो लोगों की फोन द्वारा काउंसलिंग कर रही हैं।
कोरोना काल में हम सबने महसूस किया है कैसे मरीजों को नकारात्मकता घेर रही है और भय का माहौल बन रहा है ऐसे में हिमांशी उनमें सकारात्मक ऊर्जा भरने का काम कर रही हैं।
एक ऐसे माहौल में जब कोविड़ मरीजों को चारों ओर भय का आवरण नजर आ रहा हो उस वक्त उनको मानसिक संबल देना सच्ची सेवा है।

हिमांशी बताती हैं कोविड़ काल में काम करने से पहले मन में डर था कि कहीं उनका खुद का परिवार संक्रमित ना हो जाये फिर हिम्मत रखी और कोरोना से जंग को कूद पड़ी।
वो बताती हैं जब लोगों की पीड़ा देखी,उनकी पल-पल बदलती मानसिक स्थिति समझी तो स्वतः सेवा भाव जागृत हो गया फिर कभी नही सोचा मेरा परिवार संक्रमित होगा या नही।


हिमांशी अब अपने व्यक्तिगत नम्बर से भी लोगों की मदद कर रही हैं जो लोग अवसाद में है,घबराये है उनकी हर संभव मदद कर रही है हिमांशी अब तक करीब 10 हजार से अधिक लोगों की काउंसलिंग कर चुकी हैं।
हिमांशी बिष्ट सच में कोरोना योद्धा की भूमिका निभा रही हैं और हम सलाम करते है उनके इस योगदान को,उनके इस जज्बे को।।।।।

उत्तराखंड