कोरोना की तीसरी लहर पर नैनीताल हाईकोर्ट हुआ सख्त- स्वास्थ्य सचिव को लगाई फटकार कहा- बतायें क्या तैयारी है आपकी

कोरोना की तीसरी लहर पर नैनीताल हाईकोर्ट हुआ सख्त- स्वास्थ्य सचिव को लगाई फटकार कहा- बतायें क्या तैयारी है आपकी

रिपोर्ट- नैनीताल
नैनीताल- कोरोना की तीसरी लहर को देखते हुवे नैनीताल हाईकोर्ट ने लोगों के जीवन व स्वास्थ्य को देखते हुवे स्वास्थ्य सचिव को कड़ी फटकार लगाते हुवे विस्तृत शपथपत्र पेश करने के आदेश जारी किये है।
हाईकोर्ट में घंटों चली सुनवाई के बाद ये अहम आदेश जारी किये है:-
-स्वास्थ्य सचिव अपने अगले शपथपत्र में ये बताएं कि
प्रदेश में कुल कितने ऐसे कितने गाँव हैं जो सड़क से नहीं जुड़े हैं और इन गांवों की सड़क से कितनी दूरी है।
-स्वास्थ्य विभाग के पास कुल कितनी एंबुलेंस हैं और 108 सेवा के पास कितनी एंबुलेंस है यह सभी एंबुलेंस कहां-कहां तैनात की गई हैं और कितनी एंबुलेंस संचालन में हैं और कितनी बेकार पड़ी हैं।
-तीसरी लहर के लिए बाल रोग विशेषज्ञों की जो हाई पावर कमेटी बनाई गई थी और उसने अपनी रिपोर्ट में जो संस्तुतियां दी हैं उनके अनुपालन का क्या कार्यवाही की गई है कोर्ट ने पूछा है कि प्रदेश में बच्चों के लिए कुल कितने वार्ड अस्पतालों में हैं और उनमें कितने पीडियाट्रिक बेड हैं।


प्रदेश में कौन से ऐसे सरकारी अस्पताल हैं जिनमें अब तक बच्चों के वार्ड नहीं हैं साथ ही कहा कि प्रदेश में सरकारी अस्पतालों में कुल कितने एनआईसीयू है।
-ग्राम स्तर पर स्थित पीएचसी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में पूरे प्रदेश में कितने ऑक्सीजन कंसंट्रेटर सिलेंडर आदि की सुविधा है और किनमें नहीं है।
-रामनगर में पूर्व में कोर्ट के आदेशों से एक छोटा निजी कोविड-19 अस्पताल बनाया गया था परंतु तीसरी लहर के लिए रामनगर में कोविड-19 के अस्पताल की क्या तैयारियां की गई हैं और सरकार रामनगर में तीसरी लहर के लिए कोविड-19 के अलग बड़े अस्पताल की स्थापना के लिए कितनी तैयार है।
-पौड़ी में स्थित लवाली प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में सुविधाओं की बहाली कर वहाँ पानी का कनेक्शन लगाया जाए।
-तीसरी लहर के लिए यदि डॉक्टरों की कमी पड़ती है तो सुरक्षा बल सेना आदि के चिकित्सकों की सेवा लेने पर भी सरकार अभी से तैयारी करें।

कोर्ट ने उक्त तमाम आदेशों के क्रम में स्वास्थ्य सचिव से विस्तृत शपत्रपत्र पेश करने को कहा है।
– आगामी 28 जून को मुख्य सचिव व अपर सचिव पर्यटन आशीष चौहान कोर्ट में उपस्थित होकर बताएंगे कि चारधाम यात्रा के संबंध में राज्य कैबिनेट ने क्या निर्णय भविष्य के लिए लिये है।
-7 जुलाई को इस पूरे मामले की हाईकोर्ट में सुनवाई होगी उस दिन मुख्य सचिव के साथ स्वास्थ्य सचिव भी उपस्थित रहेंगे और उन्हें 7 जुलाई तक अपना शपथ पत्र विस्तृत विवरण के साथ दायर करना होगा।

उत्तराखंड