रूट स्टॉक पर आधारित सेब के सघन बाग उत्तराखंड की आर्थिकी में ला सकते हैं व्यापक बदलाव- पलायन व बेरोजगारी नियंत्रण के साथ ही किसानों की आय में कई गुना हो सकता है इजाफा

रूट स्टॉक पर आधारित सेब के सघन बाग उत्तराखंड की आर्थिकी में ला सकते हैं व्यापक बदलाव- पलायन व बेरोजगारी नियंत्रण के साथ ही किसानों की आय में कई गुना हो सकता है इजाफा

रिपोर्ट- नैनीताल
नैनीताल- सेब तोड़ो पलायन रोको अभियान के साथ ही उत्तराखंड के कुमाऊं में सेब योजना रंग ला रही है इसके तहत किसान कम समय में अधिक फल पैदा कर ऊंचा भाव लेने में सफल भी हो रहे है और कई गुना आय बढ़ाने में भी कामयाब हो रहे हैं ये क्रांतिकारी और नए बदलाव इंडो-डच हॉर्टिकल्चर व कोका-कोला इंडिया के संयुक्त प्रयासों से कुमाऊं रामगढ़,धानाचूली व मुक्तेश्वर के क्षेत्रों में किये जा रहे है।

इंडो-डच हॉर्टिकल्चर द्वारा आज नैनीताल जिले के धानाचूली में सेब तोड़ो कार्यक्रम आयोजित किया गया जिसमें भाजपा के प्रदेश महामंत्री सुरेश भट्ट,पूर्व सांसद बलराज पासी,पूर्व विधायक शैलेन्द्र मोहन सिंघल सहित दर्जनों उद्यमी किसानों ने प्रतिभाग किया और बाग में लगे सेब के पेड़ों से सेब तोड़े और रूट स्टॉक पर आधारित सेब के बागान लगाने की प्रारंभिक विधियों सहित कई महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त की।

पहाड़ में सेब की बागवानी की अपार संभावनाओं को देखते हुवे इंडो-डच के निदेशक सुधीर चड्डा द्वारा किसानों को रूट स्टॉक के प्रकार व उनके महत्व,पारंपरिक एवं आधुनिक प्रणाली में अंतर,सेब की विभिन्न प्रजातियां व उनका चयन,भूमि का चयन व पौधरोपण की विधि की बारीकियों से अवगत कराया गया।
इस मौके पर किसानों ने कहा कि ये एक अच्छा अवसर है इससे ना केवल आर्थिकी मजबूत होगी बल्कि पहाड़ से पलायन भी रुकेगा।
इंडो-डच हॉर्टिकल्चर के निदेशक सुधीर चड्डा ने कहा कि अगर सरकार उत्तराखंड में हजारों हैक्टेयर खाली पड़ी जमीन पर सेब लगाना शुरू करे और किसानों को 50 फीसदी अनुदान दे तो पहाड़ का पानी और पहाड़ की जवानी पहाड़ में ही ठहर जायेगी साथ ही सेब उत्पादन के क्षेत्र में हम एक नई क्रांति लाकर दुनिया में भारत का नाम रोशन कर सकते हैं और विदेशों से आने वाला सेब हम यहीं अपने पहाड़ में पैदा कर सकते हैं।


कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि शिरकत करने पहुंचे भाजपा के प्रदेश महामंत्री सुरेश भट्ट ने सुधीर चड्डा की पहल को क्रांतिकारी कदम बताया और कहा कि राज्य सरकार निश्चित रुप से इस दिशा में आगे बढ़कर काम करेगी उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में पलायन व बढ़ती बेरोजगारी को नियंत्रण करने में सेब के बागान कारगर सिद्ध होंगे इससे ना केवल किसान बल्कि राज्य की भी आर्थिकी में बदलाव आयेगा।

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