आजादी का अमृत महोत्सव- पर्वतीय इलाकों के नागरिकों को न्यायिक अधिकारों के प्रति करेंगे जागरूक

आजादी का अमृत महोत्सव- पर्वतीय इलाकों के नागरिकों को न्यायिक अधिकारों के प्रति करेंगे जागरूक

रिपोर्ट- नैनीताल
नैनीताल- आजादी के अमृत महोत्सव के अंतर्गत राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस कोर्ट के समीप विधिक सेवा प्राधिकरण के अंतर्गत अब तक के किये कार्यो तथा अदालती फैसलों पर आधारित प्रदर्शनी लगाई गई है जिसका शुभारंभ हाईकोर्ट के वरिष्ठ न्यायाधीश व राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के कार्यपालक अध्यक्ष जस्टिस संजय मिश्रा ने किया।

इस अवसर पर जस्टिस मिस्रा ने कहा कि राज्य के दूरस्थ इलाकों के लोगों को न्यायिक व मौलिक अधिकार की जानकारी देने के लिए प्राधिकरण की ओर से विशेष प्रयास किये जा रहे हैं साथ ही जरूरतमंदों को मुफ्त विधिक सहायता दी जा रही है। कोई भी गरीब व्यक्ति न्याय के लिए प्राधिकरण से सहायता ले सकता है।


जस्टिस मिस्रा ने ‘राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के भारत गांवों में बसता है, के सूत्र वाक्य को उद्घृत करते हुए कहा कि राज्य के गांवों में न्यायिक जागरूकता की मुहिम शुरू की जा रही है।
उन्होंने कहा कि प्राधिकरण के माध्यम पिछले ढाई दशक में लाखों लोगों को विधिक रूप से जागरूक किया गया है। इस अवसर पर जस्टिस मिस्रा के साथ जस्टिस मनोज कुमार तिवारी, जस्टिस शरद कुमार शर्मा, जस्टिस एनएस धानिक, जस्टिस रमेश खुल्बे, राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के सदस्य सचिव राजीव खुल्बे, रजिस्ट्रार जनरल धनंजय चतुर्वेदी, महाधिवक्ता एसएन बाबुलकर, मुख्य स्थाई अधिवक्ता चंद्रशेखर रावत, हाईकोर्ट बार एसोशिएशन अध्यक्ष अवतार सिंह रावत आदि ने प्रदर्शनी का अवलोकन किया।
इस दौरान जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सचिव इमरान मोहम्मद खान, रमाकांत चौधरी आदि उपस्थित थे।

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