नैनीताल में सजेंगी कहानियों की कश्तियाँ- 13 से 15 मार्च तक नैनीताल में होने जा रहा है लिटरेचर फेस्टिवल 2026

नैनीताल में सजेंगी कहानियों की कश्तियाँ- 13 से 15 मार्च तक नैनीताल में होने जा रहा है लिटरेचर फेस्टिवल 2026

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रिपोर्ट- नैनीताल
नैनीताल- नैनीताल लिटरेचर फेस्टिवल अपने दूसरे संस्करण के साथ एक बार फिर सरोवर नगरी नैनीताल में साहित्य, कला और विचारों का उत्सव लेकर लौट रहा है। पिछले वर्ष आयोजित पहले संस्करण की उल्लेखनीय सफलता और व्यापक सराहना के बाद, ‘सेलिंग विद स्टोरीज़’ टैगलाइन के साथ यह उत्सव 13 से 15 मार्च 2026 तक कांस्या रिसॉर्ट बाय माउंटेन मैजिक,चारखेत में आयोजित किया जाएगा।फेस्टिवल लेखनी फाउंडेशन द्वारा आयोजित किया जा रहा है, जिसके संस्थापक और निदेशक अमिताभ सिंह बघेल हैं, जो जिंदल लिटरेचर फेस्टिवल के निदेशक और कोशाला लिटरेचर फेस्टिवल के संस्थापक और पूर्व निदेशक भी हैं। इस उत्सव के मार्गदर्शक प्रसिद्द लेखक, विचारक, और फ़ूड क्रिटिक प्रो. पुष्पेश पंत हैं, जिनके दिशा-निर्देशन से यह आयोजन राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के लेखकों, कलाकारों और चिंतकों को एक मंच पर लाता है। इस उत्सव को साकार करने में फेस्टिवल सलाहकार अपर्णा काण्डा और अंशु खन्ना के निरंतर सहयोग के साथ-साथ फेस्टिवल समन्वयक स्वाति दिग्विजय बोरा और लेखनी फाउंडेशन की ट्रस्टी पयस्विनी सिंह के सतत प्रयासों का भी महत्वपूर्ण योगदान है। आयोजकों के साथ समन्वय बनाते हुए एक युवा और समर्पित टीम भी इस फेस्टिवल को सफल बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।

यह उत्सव निःशुल्क और समावेशी है, जिसके केंद्र में किताबें हैं और जहाँ जाने-माने लेखक, विविध भाषाएँ तथा सिनेमा, संगीत, खाद्य और कार्यशालाओं जैसी विभिन्न विधाएँ एक साथ उपस्थित होंगी। साहित्य, संस्कृति, और कला के इस समागम में वैश्विक दृष्टिकोण और स्थानीय संस्कृति का जीवंत आदान-प्रदान दिखाई देगा। जहां एक तरफ़ विभिन्न क्षेत्रों के अनुभवी विद्वान इस उत्सव में हिस्सा लेंगे, वहीँ दूसरी तरफ़ नयी पीढ़ी के कलाकार और इन्फ्लुएंसर्स युवा नज़रिया सामने रखेंगे। इस तरह के उत्सव बौद्धिक और सक्रिय बातचीत के माध्यम से महज़ औपचारिकता से ऊपर उठ कर संवाद की अपार सम्भावनाओं को एक सार्थक मंच प्रदान करते हैं। ग़ौरतलब है कि इस फेस्टिवल को सभी के लिए निःशुल्क रखा गया, जिससे ज्ञान, विचार, और संवाद को किसी एक तबके तक सीमित न रखकर समाज के सभी वर्गों को लाभान्वित किया जा सकेगा। फेस्टिवल में फ़ूड और क्राफ्ट स्टॉल भी होंगे जो दर्शकों के अनुभव को व्यापक और विविध रूप देंगे।
इस फेस्टिवल के आयोजन के लिए विभिन्न साझेदारों (पार्टनर्स) और प्रायोजकों का योगदान उल्लेखनीय है। NLF को प्रीमियर पार्टनर के रूप में प्रीमियर एनर्जीस और कांस्या रिज़ॉर्ट का वेन्यू एवं हॉस्पिटैलिटी पार्टनर के रूप में सहयोग प्राप्त है। शेरवानी हिलटॉप और द नैनी रिट्रीट फेस्टिवल के हॉस्पिटैलिटी (आतिथ्य) पार्टनर्स हैं, जबकि अयार जंगल रिज़ॉर्ट, स्विस कॉटेज, सैक्लेज़, ऐशडेल और द पवेलियन आतिथ्य प्रायोजकों के रूप में सहयोग प्रदान कर रहे हैं। वारधि और गौरैया आतिथ्य फेस्टिवल से क्रिएटिव पार्टनर्स के रूप में इस उत्सव से जुड़े हैं। इसके साथ ही, कई व्यक्तियों द्वारा अपने व्यक्तिगत स्तर पर दिए गए मूल्यवान सहयोग इस फेस्टिवल को जीवंत करते हैं।
इस महोत्सव में दुनिया भर के नामी लेखक, विचारक और स्थानीय कलाकार शिरकत करेंगे। महोत्सव में साहित्य, सिनेमा और इतिहास जगत की कई जानी-मानी हस्तियां शामिल होंगी। इतिहास और संस्कृति जैसे विषयों पर ऑस्ट्रेलिया से जॉन जुबरिस्की, प्रोफेसर पुष्पेश पंत व शाहिद सिद्दीकी अपने विचार और अनुभव साझा करेंगे, वहीं फिल्म की दुनिया से इम्तियाज अली, नागेश कुकुनूर और विभु पुरी सिनेमा और उसकी बारीकियों पर बात करेंगे। पौराणिक कथाओं के विशेषज्ञ देवदत्त पट्टनायक और अल्का पांडे, हाल ही में अमेरिकी संघठन लिबर्टी इंटरनेशनल द्वारा लाइफटाइम लिबर्टेरियन पुरूस्कार से सम्मानित गुरचरण दास, जैरी पिंटो, अमिताभ बागची और अशोक पांडे जैसे प्रसिद्ध साहित्यकार अपने अपने क्षेत्रों के विभिन्न पहलुओं पर प्रकाश डालेंगे। इसके अलावा, सुहेल सेठ, और सुभाषिनी अली जैसे वक्ता वर्तमान सामाजिक और राजनीतिक मुद्दों पर अपने विचार रखेंगे। ताइवान से आ रही लेखिका ऋचा एस. मुखर्जी स्त्री विमर्श और व्यंग्यलेखन पर चर्चा करेंगी। इसके अलावा कंटेंट क्रिएटर सबा (thewordmuse) उर्दू भाषा के सौंदर्य पर कार्यशाला ।
NLF के इस दूसरे अध्याय में इतिहास, मिथक, कविता, किस्से, सिनेमा, फोटोग्राफी, यात्रा, जेंडर और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे विविध विषयों पर चर्चा होगी। पौराणिक कथाओं के साथ साथ इस उत्सव में कुमाऊं के “राजुला-मालूशाही” की लोक कथा पर भी बात की जायेगी। स्वस्थ संवाद की इसी कड़ी में एक ‘फिनाले डिबेट’ का भी आयोजन होगा जिसमे फेस्टिवल में भाग ले रहे प्रमुख चेहरे इतिहास और मानवता द्वारा उससे सीखे गए सबक पर गहराई से बातचीत करेंगे। कार्यक्रम के दौरान पैनल चर्चाओं के अलावा संगीत, नृत्य, और युद्ध कलाओं की भी प्रस्तुतियाँ होंगी, जिसमें बी. बालसाई द्वारा बांसुरी वादन और वी. सृजना व कीर्ति श्री द्वारा कलरिपयट्टू एवं भरतनाट्यम की प्रस्तुति ‘त्रिशक्ति’ शामिल होंगे। यह प्रस्तुतियां नैनीताल और आसपास के लोगों को दक्षिण भारत की विविध कला परम्पराओं की झलकियां देंगी। स्थानीय और उभरते कलाकार भी इस उत्सव में प्रतिभाग करेंगे, जिसमें नैनीताल का रॉक बैंड “लाइफ ऑन लोन” एक अहम आकर्षण है। इसके अलावा, कलरी योग और यात्रा वृत्तांत लेखन पर विशेष कार्यशालाएं भी आयोजित की जाएंगी। फेस्टिवल नैनीताल के विभिन्न स्कूलों के बच्चों को भी लेखकों और विचारकों से मिलने को आमंत्रित करेगा। कई लेखक फेस्टिवल के बाद स्कूलों में बच्चों से मिलने भी जाएंगे, जो देश की आने वाली पीढ़ी के लिए एक महत्वपूर्ण प्रोत्साहन का स्रोत बनेगा।
इस बार महोत्सव में तीन खास पुस्तकों का पहला विमोचन किया जाएगा, जिसमें प्रो पुष्पेश पंत की नैनीताल पर आधारित हिंदी पुस्तक ‘नैनीताला नैनीताला’, प्रत्यक्षा द्वारा लिखी गयी अंग्रेजी कहानियों का संग्रह ‘द मिस्ट्रेस ऑफ फूलपुर’ और इंदु पांडे की “दैट दाऊ आर्ट“ शामिल हैं।
भारतीय समाज में संवाद की प्रथा पुराने समय से चली आ रही है, और इसे आगे बढ़ाना आज के समाज की अहम ज़िम्मेदारियों में से एक है। सूचना क्रान्ति के दौर में संवाद की प्रासंगिकता और भी बढ़ जाती है, क्योकि संवाद से ही सूचनाओं को सही अर्थ और समाज को सही दिशा दी जाती है। नैनीताल लिटरेचर फेस्टिवल 2026 इसी कड़ी में एक अहम् कदम है, जो अलग-अलग विचारधाराओं के बीच एक सार्थक संवाद का ज़रिया बनेगा। साथ ही साथ यह उत्सव साहित्य और संस्कृति के एक प्रमुख केंद्र के रूप में नैनीताल की पहचान को और अधिक मजबूती देगा। उत्सव का आत्मीय प्रारूप श्रोताओं और वक्ताओं के बीच बेहतर संवाद और सार्थक बातचीत की संभावनाएँ खोलता है, साथ ही पाठकों को उनके पसंददीदा लेखकों से पुस्तक हस्ताक्षर जैसे अवसर भी उपलब्ध कराता है। यह उत्सव साहित्य, कला और संस्कृति के माध्यम से एक बेहतर समाज और समुदाय की और एक ज़रूरी पहल है ।

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