जीएसटी के दायरे में आते ही दही,लस्सी और छाछ के दामों में आया उछाल- सरकार ने उत्पादों में लगाई 5 फीसदी जीएसटी- नैनीताल दुग्ध संघ के अध्यक्ष का बयान कहा- फिलहाल उपभोक्ताओं पर नहीं डाला जायेगा भार

जीएसटी के दायरे में आते ही दही,लस्सी और छाछ के दामों में आया उछाल- सरकार ने उत्पादों में लगाई 5 फीसदी जीएसटी- नैनीताल दुग्ध संघ के अध्यक्ष का बयान कहा- फिलहाल उपभोक्ताओं पर नहीं डाला जायेगा भार

रिपोर्ट- नैनीताल
नैनीताल- देश की आम जनता पर महंगाई की एक और मार पड़ी है केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में जीएसटी काउंसिल की बैठक में कुछ खाद्य पदार्थो में मिलने वाली छूट को हटा दिया है बैठक के इस फैसले के बाद प्री-पैक्ड,प्री-लेबल्ड दही,लस्सी और छाछ जैसे उत्पाद अब जीएसटी के दायरे में आ गये हैं।
केंद्र सरकार द्वारा उक्त खाद्य पदार्थो पर लगाई गई 5 फीसदी जीएसटी के बाद उत्तराखंड कॉपरेटिव डेरी फेडरेशन के प्रशासक व नैनीताल दुग्ध संघ के अध्यक्ष मुकेश सिंह बोरा का बड़ा बयान सामने आया है।

बोरा ने बताया कि दही,छाछ और लस्सी पर लगी जीएसटी के बाद दुग्ध संघ(आँचल) को करीब 4 लाख रुपये महीने का नुकसान उठाना पड़ेगा जिसको देखते हुवे संघ ने तय किया है कि वो अपने खर्चो में कटौती करते हुवे इसकी भरपाई करेगा जिससे कि उपभोक्ताओं पर इसका भार ना पड़े।
उन्होंने कहा उपभोक्ताओं पर अभी हाल फिलहाल जीएसटी का भार नहीं डाला जायेगा और आने वाले दिनों में बोर्ड की बैठक के बाद ही कोई निर्णय लिया जायेगा।
माना कि अभी आँचल अपने ग्राहकों पर जीएसटी का भार नहीं डालने की बात कर रहा हो मगर ये भी सच है कि देश की आम जनता को एक बार फिर महंगाई की मार झेलनी पड़ेगी जिसका सीधा असर ग्राहकों की जेब पर पड़ेगा।

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