नैनीझील में डाले 8 हजार महाशीर मछलियों के बीज- महाशीर संरक्षण के साँथ ही झीलों के पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करना है मकसद

नैनीझील में डाले 8 हजार महाशीर मछलियों के बीज- महाशीर संरक्षण के साँथ ही झीलों के पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करना है मकसद

रिपोर्ट- नैनीताल
नैनीताल- उत्तराखंड ना केवल पर्यटन के लिहाज से देश-दुनिया में खासा महत्व रखता है बल्कि ये यहाँ की प्राकृतिक सुंदरता व स्वच्छ आबोहवा के साँथ ही झीलों व नदियों के लिये भी जाना जाता है इन्ही झीलों व नदियों के पारिस्थितिकी तंत्र को और अधिक मजबूत करने के लिये नैनीताल जिला प्रशासन ने सराहनीय पहल करते हुवे आज प्रसिद्ध नैनीझील में करीब 8 हजार से अधिक महाशीर मछिलयों के बीज डाले।

जिला प्रशासन व शीतजल मत्स्य अनुसंधान निदेशालय भीमताल के सांझा कार्यक्रम में महाशीर मछिलयों के संरक्षण व संवर्धन अभियान के तहत झील की पारिस्थितिकी तंत्र को और अधिक मजूबत करने के मकसद से 8 हजार से अधिक महाशीर मछलियों के बीजों को डाला गया।
इस मौके पर जिलाधिकारी धीराज सिंह गर्ब्याल ने कहा नैनीताल जिले के तहत आने वाली सभी झीलों व नदियों में महाशीर मछिलयों के संरक्षण को लेकर चरणबद्ध अभियान चलाया जायेगा साँथ ही झीलों व नदियों में मत्स्य आखेट को बढ़ावा देने के लिये निरंतर प्रयास किये जायेंगे।

जिलाधिकारी गर्ब्याल ने कहा झील की सेहत को लेकर वैज्ञानिकों की सलाह पर कॉमन कार्प मछलियों की संख्या को सीमित करने पर भी कदम उठाये जा रहे हैं।
शीतजल मत्स्य अनुसंधान निदेशालय के निदेशक डॉ प्रमोद कुमार पाण्डेय ने कहा कि महाशीर मछिलयों के संरक्षण को लद्दाख से लेकर अरुणाचल प्रदेश तक बड़े पैमाने पर अभियान चलाया जा रहा है इस अभियान को आगे बढ़ाते हुवे नैनीताल जिले की सभी झीलों में आज से महाशीर के बीजों को डालने की शुरुआत हो गई है आने वाले दिनों में सभी झीलों व नदियों में इनको डाला जायेगा।

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