

रिपोर्ट- नीरज सिंह मेहता वरिष्ठ संवाददाता धारचूला
धारचूला-(उत्तराखंड)- उत्तराखंड से कैलाश मानसरोवर तक की यात्रा अब और आसान होने वाली है दरअसल पिथौरागढ़ जनपद के धारचूला तहसील के नाभीढांग से भारत-चीन सीमा पर लिपुलेख दर्रे तक सड़क की कटाई का काम शुरू कर दिया गया है उम्मीद है कि यह काम इसी साल सितंबर में पूरा हो जाएगा जिसके बाद इस रूट को यात्रा के लिए खोल दिया जाएगा।
शिवभक्तों के लिए एक अच्छी खबर है शिवधाम यानी कैलाश पर्वत जाने के लिए उत्तराखंड के लिपुलेख में तैयार किया जा रहा रास्ता जल्द ही शुरू हो जाएगा।

आपको बता दें कि पिछले दिनों पर्यटन विभाग की एक टीम के द्वारा ओल्ड लिपुलेख पास तक गई थी जहाँ से पर्यटन विभाग की टीम को माउंट कैलाश के दर्शन हुए थे जिसके बाद से पर्यटन विभाग के द्वारा पर्यटन को विकसित करने के लिए रिपोर्ट सरकार को भेजी थी। अब शासन के आदेश के बाद लिपुलेख पास तक सड़क निर्माण का कार्य शुरू कर दिया है।
पीटीआई के मुताबिक इस साल सितंबर के बाद इस रास्ते को खोले जाने की उम्मीद है अधिकारियों ने बताया कि सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) ने पिथौरागढ़ के नाभीढांग में केएमवीएन हटस से भारत-चीन सीमा पर लिपुलेख दर्रे तक सड़क की कटाई का काम शुरू कर दिया है उनका कहना है कि यह काम सितंबर तक पूरा हो जाएगा।

पिछले चार सालों ने कैलाश मानसरोवर यात्रा किसी ना किसी कारण से स्थगित हो रही है।
पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक बीआरओ की हीरक परियोजना के मुख्य अभियंता विमल गोस्वामी ने कहा,‘हमने नाभीढ़ांग में केएमवीएन हटस से लिपुलेख दर्रे तक करीब 6.5 किमी लंबी सड़क को काटने का काम शुरू कर दिया है अगर मौसम सही रहा तो सितंबर तक काम पूरा हो जाएगा सड़क का काम पूरा होने के बाद सड़क के साथ-साथ ‘कैलाश व्यू प्वाइंट’ तैयार होगा.’ हीरक परियोजना को भारत सरकार ने ‘कैलाश व्यू प्वाइंट’ विकसित करने की जिम्मेदारी दी है।
उत्तराखंड के इन इलाकों से भी कर सकेंगे दर्शन
– पिथौरागढ़ जिले के नाभीढ़ांग के ठीक ऊपर 2 किलोमीटर ऊंची पहाड़ी से तिब्बत में मौजूद कैलाश पर्वत आसानी से दिखाई देता है हालांकि अब तक यह बात किसी को पता नहीं थी, लेकिन जब कुछ स्थानीय लोग ओल्ड लिपुपास की पहाड़ी के ऊपर पहुंचे तो वहां से पवित्र कैलाश पर्वत काफी करीब और दिव्य दिखाई दिया है।



