
रिपोर्ट- नैनीताल
नैनीताल- खादी अब केवल एक पारंपरिक उत्पाद नहीं बल्कि आत्मनिर्भर,स्वदेशी गौरव और समृद्ध वाले नए भारत का एक जीवंत प्रतीक बन गया है। खादी अब सिर्फ बुजुर्गों का पहनावा नहीं बल्कि युवाओं के बीच एक ट्रेंडी फैशन बन कर उभर रहा है और खादी का कारोबार लगातार बढ़ता जा रहा है जो हमारी ग्रामीण अर्थव्यस्था को भी मजबूत करने में अपनी अहम भूमिका निभा रहा है।
बात अगर कुमाऊं मंडल की करें तो यहाँ नैनीताल-ऊधमसिंह नगर जिलों में खादी के 22 शोरूम हैं जिनमें लगातार काम बढ़ रहा है यही वजह है कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में खादी एवं ग्रामोद्योग उत्पादों की बिक्री में रिकॉर्ड 65 लाख से अधिक की आय अर्जित हुई।
खादी आज पारंपरिक विरासत को वैश्विक बाजार की अपेक्षाओं के अनुरूप एक नई पहचान दिलाने में अग्रणी भूमिका भी निभा रहा है।

गांधी आश्रम के सचिव अभय वर्मा बताते हैं कि खादी के प्रति आम लोगों के साथ ही सैलानियों का भी मोह बढ़ा है जिससे कारोबार में लगातार वृद्धि हो रही है।
उन्होंने बताया कि हर घर तक खादी का रुमाल पहुंचे उसके लिए कार्य योजना तैयार की गई है आने वाले दिनों में सभी दुकानों पर किफायती दामों में खादी का रुमाल रखा जाएगा जिससे कि खादी का व्यापक रूप से और अधिक प्रचार प्रसार किया जा सके।


