

रिपोर्ट- नैनीताल
नैनीताल- देहरादून घाटी के तहत आने वाले मसूरी,ऋषिकेश व हरिद्वार शहरों में मास्टर प्लान लागू कर उक्त शहरों के सुनियोजित विकास को लेकर 1989 में भारत सरकार ने एक शासनादेश जारी किया था जिसमें कहा गया था कि दून घाटी में जितना भी निर्माण कार्य व औद्योगिक इकाइयों का विस्तार हो वो मास्टर प्लान के आधार पर हो मगर तेजी से बढ़ रहे शहरीकरण व पर्यावरण को हो रहे नुकसान को लेकर नैनीताल हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई है।
उक्त मामले पर आज नैनीताल हाईकोर्ट ने सुनवाई करते हुवे केंद्र सरकार व राज्य सरकार सहित सभी 8 पक्षकारों को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।
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दरअसल पर्यावरण प्रेमी आकाश वशिष्ठ ने नैनीताल हाईकोर्ट में याचिका दायर कर कहा कि 1989 में केंद्र सरकार की तरफ से दून घाटी को लेकर एक शासनादेश जारी किया था जिसमें कहा गया था कि दून घाटी में जितना भी निर्माण कार्य हो वो मास्टर प्लान के आधार पर ही हों मगर आज तक ना तो सरकार ने मास्टर प्लान लागू किया और ना ही पर्यटन विकास को लेकर कोई कदम उठाया जिसका नतीजा है कि आज कोई भी विकास प्लान नहीं बनाया गया।
उक्त मामले की सुनवाई करते हुवे कोर्ट ने चिंता व्यक्त करते हुवे केंद्र सरकार,राज्य सरकार,प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड,मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण,हरिद्वार-रुड़की विकास प्राधिकरण व दून वैली स्पेशल एरिया अथॉरिटी को नोटिस जारी कर 8 हफ़्तों में जवाब तलब किया है।।।




