मेरा कूड़ा,मेरी जिम्मेदारी- मेरा शहर,मेरी पहचान

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रिपोर्ट- नैनीताल
नैनीताल- “मेहनत कश इंसान जाग उठा तो धरती के ख्वाब जगे” ये सच है कि जब भी इंसान ने मेहनत के लिये हाथ उठाये है क्रांति आई है आज हम आपको नैनीताल की लतिका से मिला रहे है जिन्होंने अपने नाम को सार्थकता दी है उन्होंने शहर भर में स्वच्छता की लता फैलाने का जो बीड़ा उठाया है उस दिशा में उनकी मेहनत अब रंग लाने लगी है।


दरअसल लतिका साही नैनीताल की ही रहने वाली हैं इस शहर से उन्हें जितना लगाव है उतना ही प्यार शहर ने भी उन्हें दिया है।
हमेशा से लतिका शहर के लिये कुछ करना चाहती थी उन्होंने 2017 में शहर से वेस्ट कूड़ा उठाना शुरू कर दिया 2018 में उन्होंने शहर में लगने वाले नंदा देवी मेले में भंडारे के बाद बचे खाने व पत्तलों को उठाकर उनकी कम्पोस्टिंग करवाई धीरे-धीरे उन्होंने अपने साथ कुछ लोगों की टीम बनाई 2019 में उन्होंने शहर भर में मेरा कूड़ा,मेरी जिम्मेदारी का नारा देकर जागरूकता अभियान चलाया।
2020 में कोरोना काल मे नैनीताल के डीएसए मैदान में भी सब्जी मंडी लगने लगी मंडी में सड़ी गली वेस्ट सब्जियों व उनके कूड़े के निस्तारण को डीएसटी डिपार्टमेंट के साइंस एंड टेक्नोलॉजी से एक छोटा सा प्रोजक्ट लिया और काम शुरू कर दिया।

आजकल लतिका साही अपनी टीम के साथ रोजाना मंडी से करीब 200 से 300 किलो कूड़ा उठाती है और नगर पालिका के सहयोग से सारी वेस्ट सब्जियों को नारायण नगर में कम्पोस्ट करती है।

लतिका की मेहनत और उनके जज्बे को हम सलाम करते है परिवार की जिम्मेदारियों के बाद शहर के लिये कुछ करने की सोच और उस सोच को कैसे मेहनत से साकार करना है ये जज्बा अगर हम में से कुछ लोगों में भी आ जाये तो मोदी जी का स्वच्छ भारत अभियान नई क्रांति ले आयेगा।